भारत का संविधान अपने नागरिकों को समता के अधिकार के अलावा अभिव्यक्ति की आजादी का भी अधिकार देता है ∣ जिसमें मीडिया को भी शामिल किया है भारत में अमेरिका की तरह मीडिया को अलग से अभिव्यक्ति की आजादी का अधिकार प्राप्त नहीं है बल्कि जितना देश की जनता को अधिकार है ∣ उतना ही मीडिया को भी अभिव्यक्ति की आजादी का अधिकार है ∣
वैसे मीडिया को सरकार का चौथा स्तम्भ माना जाता है जिनमें पहला स्तम्भ विधायिका, दूसरा कार्यपालिक, तीसरा न्यायपालिका है ∣
जिसमें मीडिया का काम सरकार और जनता के बीच समन्वय तो बनाना है ∣ साथ ही साथ जनता की आवाज सरकार तक भेजना है जिससे जनता की परेशानी खत्म हो ∣
इसके अलावा मीडिया के पास यहाँ भी अधिकार है कि वो सरकार की आलोचना तथ्यों के साथ वहाँ तक कर सकती है ∣ जहाँ तक वो सरकार की मानहानि नहीं करती अर्थात वो अपने लिखे या बोले गए शब्दों के द्वारा ऐसा कोई क्या नहीं करती जिससे सरकार की स्थिरता भंग हो ∣
जिसमें अभिव्यक्ति की आज़ादी का अधिकार जो की अनुच्छेद 19( 1) में दिया गया है ∣ जिसके अनुसार भारत की जनता को अपने विचारों की अभिव्यक्त करने की स्वतंत्रता है उसे भाषण देने की स्वतंत्रता है किन्तु ये वही तक है जहाँ तक वो अपने द्वारा बोले गए शब्दों से किसी दूसरे व्यक्ति का अपमान नहीं करता है
इसके अलावा वो
1. देश में हिंसा फैलने वाले भाषण नहीं देता∣
2. देश की एकता अखंडता पर खतरा नहीं पैदा करता ∣
3. देश की सम्प्रभुता को चोट नहीं पहुंचता∣
4. देश में किसी धर्म के प्रति द्वेष की भावना नहीं रखता है ∣
अपवाद
1. ऐसी कोई बात जो जनता से सरोकार रखती है ∣ वो अभिव्यक्ति की आजादी का उल्लंघन नहीं होगा ∣
जिसमें जनता की आवाज के रूप में मीडिया है जो कि समय समय पर जनता का आवाज सरकार तक भेजने जनता की मदद तो करता है ∣ साथ ही सरकार की गलतियों को भी जनता तक पहुंचता है जो जनता से सरोकार रखती हो किन्तु वर्तमान समय में मीडिया को अपने इस काम करने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है ∣ कभी किसी पत्रकार पर राजद्रोह तो कभी उनके कार्यालय में इनकम टैक्स का छापा मारवा दिया जाता है ∣ जो कि अभिव्यक्ति की आजादी को कही न कही बाधित करने की कोशिश करता है ∣
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