Skip to main content

चलना जीवन है रूकना मृत्यु है


तमाम परेशानियों के बावजूद जो लोग अपने काम को कर रहे हैं वो हर दिन अपने जीवन को बेहतर

बना रहे हैं और वो लोग जो थोड़ी परेशानी में अपने काम को छोड़ रहे हैं वो स्वयं अपने काम के प्रति लापरवाह है.

हम अगर थोड़ी परेशानी से अपने काम को करने में समर्थ नहीं तो हम स्वयं का बहुत कुछ बिगाड़ रहे हैं दूसरे का बिल्कुल भी नहीं.

जीवन चलते रहना का नाम है जहाँ दुख और सुख दोनों है किन्तु हम थोड़े दुख से परेशान ह़ो जा रहे हैं जबकि असल परेशानी का तो हमने अभी तक चेहरा ही नहीं देखा है इस सम्बन्ध में रतन टाटा का कथन था कि हम अक्सर अपने टीचर की बातो का बुरा मान जाते हैं जबकि हमारा उस समय बोस नाम के व्यक्ति से मिलना ही नहीं होता है.

Comments

Popular posts from this blog

Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..