Skip to main content

टॉपर


 लोगों को इन से इतना लगाव होता है कि  इन लोगों को तंज कसे बिना इनकी बात ही खत्म नही होती .

 आखिर कौन है ये टॉपर जिनकी मैं आज बात कर रही हूँ हमारे स्कूल कॉलेज के वो बच्चे जो कक्षा में अच्छे नंबर लाते हैं जिनको देखकर लोगों को लगता है कि इनको पढ़ने के अलावा कोई और काम ही नहीं है वो सिर्फ पढ़ाकू है.

 जबकि सच्चाई इसे अलग होती है टॉपर भी दूसरो लोगों की तरह अपने काम करते हैं फर्क सिर्फ इतना होता है कि वो पढ़ाई भी उतनी गम्भीर ता से करते हैं जितनी की दोस्तों से बातें.

 लेकिन इन टॉपर से हर दूसरे व्यक्ति को परेशानी होती है होगी क्यूँ नहीं आखिर टीचर के मुंह पर सब से ज्यादा इन लोगों के नाम ही तो होते हैं.

 लेकिन असल जिंदगी में इनके संघर्ष क्या कम होते हैं जहाँ हर जगह उन्हें खुद को साबित करना होता है.

 हमारे सामने तमाम लोग है जो अपनी कक्षा में बेहतर थे और आज वो देश में जाने जाते हैं ये बात अलग है कि कुछ टॉपर को देखकर सब टॉपर के लिए ये धारणा बना ली जाती है कि वो अपनी जिंदगी में सब कुछ प्राप्त करे ये जरूरी नहीं .

 लेकिन इन सब बातों के बावजूद टॉपर में कभी हम जैसे साधारण बच्चे होते हैं अंतर महज इतना होता है कि वो अपने ऊपर इतनी मेहनत करते हैं कि लोग उन्हें सिर्फ टॉपर के नाम से ही जानते हैं.

Comments

Popular posts from this blog

Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..