विचार

 आज क्या जरूरत है दास केपिटल को पढ़ने की

कार्ल मार्क्स के द्वारा लिखित " दास केपिटल " को आज के समय हम सब को पढ़ने की आवश्यकता आन पड़ी है जब विश्व में  जहाँ एक ओर पूंजीवाद तेजी से बढ़ रहा है वही दूसरी ओर कर्मचारी ( सर्वहारा वर्ग) का शोषण   पूंजी पति वर्ग के द्वारा किया जा रहा है.

जहाँ उनसे मजदूरों के द्वारा काम कराया जा रहा है.

जब भी कोई देश में औधोगिक क्रांति आती है तो उसका सब से ज्यादा असर किसी को पड़ता हैं तो वो मजदूर वर्ग है जिसमें उसे काम तो बहुत कराया जाता है किन्तु उसका लाभ कुछ लोग की जेब में ही जाता है जबकि कम्युनिस्ट सिंद्धांत के अनुसार जब लाभ सबका है तो उसे बंटा तो सभी लोगों में जाना चाहिए.

आज समकालीन समय में जब हम सभी पूजीवाद विचारधारा की ओर बढ़ रहे तो ऐसे में हम सब को ये जरूर देखना चाहिए कि ऐसा करते समय कही हम किसी वर्ग का ज्यादा शोषण तो नहीं कर रहे हैं

अगर ऐसा कही भी हो रहा है तो यहाँ पूरी तरह से एक वर्ग के अधिकारों का न सिर्फ हनन है बल्कि उनकी प्रतिष्ठा को भी हानि पहुंचा रहा है.

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