हम अक्सर अपने अधिकार का उपयोग तो बड़ा खुल कर करते हैं किन्तु जब बात कुछ जिम्मेदारी निभाने की होती है तो हम पीछे हो जाते है .
भारत का संविधान जहाँ अपने नागरिकों को कुछ मौलिक अधिकार प्रदान करता है वही वो नागरिकों को कुछ मौलिक कर्तव्य भी देता है .
वर्तमान समय में इतने नियम और कानून हमारे देश में है फिर भी लोग अपराध के खौफ में जी रहे हैं.
सभी बंधु जनों को अपने जीवन में कुछ कर्तव्य को पूरी ईमानदारी के साथ निभाने की जरूरत है क्योंकि एक देश के निर्माण के लिए जरूरी है नागरिकों द्वारा कर्तव्यों का निर्वहन.
जिस तरह एक व्यक्ति से परिवार एक परिवार से समाज और समाज से मिलकर एक देश बनता है
जब देश में लोगों अपनी क्षेत्रीयता को भूलकर
एक जुट हो जाता है तब एक राष्ट्र का निर्माण होता है.
जिनका एक झंडा एक भाषा एक राष्ट्र गान होता है
आज इस गणतंत्र दिवस के मौके पर हम एक संकल्प खुद से करे कि अपने संविधान की रक्षा स्वयं करेगें किसी नेका काम की शुरुआत हम खुद से करेंगे निबल का साथ देगें क्योंकि भारत हम है और मुझें भारत है...
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