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एक वोट की कीमत

 

वोट देने की कीमत भले ही आज हम न समझे किन्तु मताधिकार देने के अधिकार के लिए निम्न वर्ग ने मध्यम वर्ग से एक लम्बी लड़ाई लड़ी है जब जाकर उन्हें वोट देने का अधिकार प्राप्त हुआ है.

विश्व इतिहास के पन्नों को पलटकर देखे हम तो पाएंगे की फ्रांस की क्रांति ने जहाँ एक ओर एकता, समानता, बधुता का सार हमें अपनी क्रांति से दिया तो वही फ्रांस के शासक जेबलियन ने सभी पुरूषों को वोट देने का अधिकार दिया जिसमें भले ही लैगिक भेदभाव किया गया हो किन्तु मध्य वर्ग के साथ निम्न वर्ग के लोगों के लिए ये एक बहुत बड़ी जीत थी कि उन्होंने वोट देने का अधिकार प्राप्त हुआ हालांकि ये बात अलग रही कि उन लोगों को वोट देने के अधिकार को पाने के लिए मध्य वर्ग से एक लम्बी लड़ाई लड़ना पड़ा.

भारत में मताधिकार के लिए एक ओर बेहतर काम किया गया जहाँ महिला पुरूष सभी को वोट देने का अधिकार मिला . 

जिसकी शुरुआत भारत ने पहले आम चुनाव 1951 में किया.

जिसमें भारत के पहले चुनाव आयुक्त सुकुमार सेन की भूमिका सराहनीय रही.

आज राष्ट्रीय मताधिकार दिवस है जिसके मनाने का उद्देश्य युवा को वोट के लिए जागरूक करना है.

समकालीन समय की ओर हम देखे तो पाएंगे एक स्वास्थ्य लोकतंत्र के लिए जागरूक जनता का होना बहुत जरूरी है जो अपने विवेक से ये निर्णय ले सके कि उसे किसे वोट देना है ये उसका निजी मामला होकर भी देश निर्माण के लिए एक जरुरी काम है.

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कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..