मेहनत करना और उसमें सफल होना दोनों में एक बड़ा फर्क है जिंदगी में मेहनत हर व्यक्ति करता है भले वो खेती करके, पैसा कमा के , या एक परिवार को चला के हर जगह मेहनत होती है
जिंदगी में सफल होना एक अलग बात होती है जिसकी सीढ़ी जरुरी नहीं की सफलता से ही प्रारंभ हो उसमें कई बार असफलता का भी मुंह देखना पड़ता है लेकिन सफलता को पाने की प्यास और खुद को सफल करने का प्रयास जीवन में सफलता दिलाने में बहुत काम आता है.
आज हर युवा अपने स्तर पर मेहनत कर रहा है क़ोई नौकरी पाने के लिए, कोई परीक्षा पास करने के लिए, तो कोई अपने आपको को आर्थिक रूप से मज़बूत करने के लिए कुछ अपने सपनों को पूरा करने के लिए किन्तु इन सब के बीच हमारे जीवन में एक परिस्थिति ऐसी आती है जहाँ हमें शारीरिक मजबूती से ज्यादा मानसिक मजबूती की जरूरत होती है खुद पर विश्वास करने की जरूरत होती है
"जो हो तुम सब इतना जब किया है तो थोड़ी मेहनत और सही
कुछ नहीं तो अनुभव मिल जाएगा"
पांव थक जाएं
पैर रूक जाएं
फिर भी रूकना मना है
जब की है इच्छा
हिमालय की चोटी पर चढ़ने की तो
थोड़ी मुसीबत के सामने झुकना मना है.

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