ग्लैमर की दुनिया में जाने का हर तीसरे व्यक्ति का शौक होता है हर कोई व्यक्ति खुद को दुनिया में मशहूर करने की इच्छा रखता है जिसे कि लोग उसे जाने समझे किन्तु उस जगह तक पहुंचने का संघर्ष भी उतना ही होता है जितना डॉक्टर की पढ़ाई करने का होता है.
लेकिन बड़ी दुखद बात है कि हम केवल इसके एक पक्ष को ही देख पाते हैं दूसरा पक्ष या तो हम देखने की चाहत नहीं करते यहाँ उसने जानकर भी अनजान बनने का बहाना करते हैं जबकि सच्चाई इसे बिल्कुल अलग होती है किसी भी ऊंचे स्थान पर पहुंचने के लिए बहुत परिश्रम करना पड़ता है जो शरीर मानसिक और व्यावहारिक होता है.
अगली बार अगर आप किसी मशहूर इंसान जैसा बनने की सोचते है उसके जैसा बनने के लिए उसके पीछे के संघर्ष को भी न भूले.
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