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आज क्यों स्मरण करने की जरूरत है विवेकानंद को


*विवेकानंद जो युवा के आदर्श है जिनसे हर युवा प्रेरित है  किन्तु उनके आदर्श पर चलने वाले युवा की संख्या बहुत कम है *

आज क्यों स्वामी विवेकानंद को स्मरण करने की जरूरत है? 

आज युवा के सामने अनेक तरह की चीजे है जो उसके मन को विचलित कर रही है उसके मन की एकाग्रता खत्म हो रही है आज उसके विचार करने की क्षमता कम होती जा रही है और उस पर दूसरों लोगों की बातें हावी होती जा रही है ऐसे प्रतिकूल वातावरण में विवेकानंद को एक  बार फिर स्मरण करने की जरूरत है  क्योंकि उनके विचार और कर्म दोनों बहुत प्रेरणा परक है.

तर्क पूर्ण होना क्या गलत है? 

ऐसे नहीं है कि विवेकानंद तर्क नहीं करते किन्तु वो हर चीज कि उत्तर सोच समझकर देते हैं वो हर चीज की जड़ तक जाते और फिर उसके बारे में कुछ कहते थे जबकि इसके विपरीत आज की युवा पीढ़ी बिना सोचे समझे किसी पर भी कोई भी टीका टिप्पणी कर देते है.

आज खुद पर विश्वास करने की क्यों जरूरत है? 

आज  हम सब  युवा जन को स्वयं पर विश्वास करने की सबसे ज्यादा जरूरत है क्योंकि हम से ज्यादा हमारे बारे में कोई भले जानता ज्यादा हो किन्तु हमारी किसमें भलाई है ये हम ही जानते हैं.

आज आध्यात्मिकता की ओर जाना क्यों आवश्यक है? 

स्वामी विवेकानंद ने आध्यात्मिक को बल दिया क्योंकि वो मानते थे कि आध्यात्मिकता से व्यक्ति अपने भय को खत्म कर निर्भय बन जाता है बिना निर्भय हुए किसी क्षेत्र में सफलता हासिल नहीं की जा सकती.


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