एक उम्मीद के साथ


कुछ मिलेगा इस साल तो

कुछ जुदा होगा इस साल

कुछ बिछड़े अपने तो कुछ मिलेगा इस साल, 

रह जाएगा तो सिर्फ अकेला 

   दीप 

क ई लोग कहेगें घमण्डी है दीप

पर दीप ही जाने जलते रहने का वियोग गीत

कुछ बुझाने को तत्पर होंगे तुझे

लेकिन तेरा जलना ही तेरी ताकत बनेगा

हर तकलीफ़ को सहते 

जलते रहना तु

थोड़ी हवाओं के झोके सहने से तुझे मंजिल मिलेगी.


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