सफलता नहीं देखती व्यक्ति की कमियों को वो तो देखती है व्यक्ति का जुनून और इसी जुनून के साथ जो लोग अपने काम को करते हैं वो पेशेवर जिंदगी में ऊंच स्थान पर पहुंचते है .
स्टीफन हॉकिंग जिन्होंने ब्लैक होल की खोज की थी उनके काम के प्रति प्रतिबद्धता को हम इस तरह से समझ सकते हैं कि जब उन्हें लकवा मार दिया गया था तब भी उन्होंने न तो रिसर्च करना छोड़ी और न पढ़ना.
व्यक्ति अपने विचार से बनता है प्रेरणा तो हर व्यक्ति भले ही दे किन्तु जिनका जीवन ही हमेशा दूसरे के लिए प्रेरणा का स्त्रोत रहा है ऐसे लोगों के सामने तो बड़ा से बड़ा व्यक्ति छोटा हो जाता है
उन्ही में से एक प्रेरणा स्त्रोत है निक जो विश्व के बेहतरीन मोटिवेशनल स्पीकर है जिन्होंने एक दुर्घटना अपने दोनों हाथ और पैरों को खो दिया लेकिन जिंदगी जीने की उम्मीद उन्होंने नहीं खोई.
माउण्ट एवरेस्ट की चोटी पर चढ़ने वाली अरूणिमा सिन्हा तमाम लड़कियों के लिए प्रेरणा है जो लड़कियां किसी दुर्घटना के चलते अपने पैर को खो चुकी है किन्तु फिर भी अपने सपनों के साथ चलने का जुनून रखती है.
अरूणिमा सिन्हा ने एक घटना के दौरान अपना एक पैर खो दिया किन्तु अपने माउंट एवरेस्ट की चोटी पर चढ़ने के सपने को मरने नहीं दिया और कड़ी परिश्रम के बाद एवरेस्ट पर जीत हासिल की.
आज समकालीन समय में हमारे आस पास कुछ ऐसे लोग है जो शरीर से विकलांग है किन्तु उन्होंने अपने शरीर को विकलांग नहीं होने दिया और अपने जीवन के लक्ष्य को प्राप्त किया.



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