अर्थव्यवस्था का ज्ञान भले ही सीधे रूप से ज्यादा लोगों को न हो किन्तु अप्रत्यक्ष रूप में हम सब इसे जुड़े हुए हैं.
अर्थ से आशय धन से है तो वही व्यवस्था से आशय उसके प्रबंधन से है जो अपने जीवन में पैसे का प्रबंधन जितने अच्छे से करता है उसका जीवन उतना अच्छा होता है.
अर्थव्यवस्था के पितामह एडम स्मिथ
भले हो लेकिन भारत में सबसे अच्छे अर्थव्यवस्था के जानकर कौटिल्य ( चाणक्य) रहे हैं जिनकी हस्तलिखित किताब कौटिल्य अर्थशास्त्र में हर चीज के प्रबंधन के बारे में विस्तार पूर्वक लिखा हुआ है.
आज समकालीन समय कोरोना महामारी ने जहाँ विश्व की बड़ी से बड़ी अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाया है तो वही कोरोना ने उसे काफी हद तक बदल भी दिया है.
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