अपने शरीर को निखारने के लिए हम क ई तरह के नुस्खे आजमाते है लेकिन अपने आप के व्यक्तित्व को निखारने के लिए हम बहुत कम ही काम करते हैं.
अगर हम कल भी छोटी छोटी बात पर गुस्सा करने और रोने वाले थे और आज भी वैसे ही है तो हमारे व्यक्तित्व में कोई भी परिवर्तन नहीं हुआ.
लोग अपना शारिरिक विकास तो कर लेते हैं लेकिन अपने व्यक्तित्व का विकास बहुत कम ही कर पाते हैं.
समय के साथ उन चीजों में निखार लाना जरूरी है जो बहुत आवश्यक है जैसे अपने बातचीत के ढंग, चलना फिरना, और किसी से संवाद करना.
2020 के खत्म होने में एक दिन की ही देरी है ऐसे में हमें ये मूल्यांकन जरूर कर लेना चाहिए कि इस भागदौड़ भरी जिंदगी में वाकई हम निखरे या केवल निखार के नाम पर सिर्फ दिखावा मात्र करते रह गए.
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