3 दिसम्बर 1984 की वो काली रात जिसे कैसे भूला जा सकता है
जिसने भोपाल को तबाह कर दिया जहाँ भोपाल में स्थित कारखाना यूनियन कार्बाइड में गैस रिसाव के चलते 15000 से ज्यादा लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा था इसी के साथ बहुत सारे लोगों को अंधेपन और अपंगता का भी शिकार होना पड़ा था.
युनियन कार्बाइड कारखाने में मिथाइल आइसोसानाइट (𝗠𝗜𝗖)गैस का रिसाव हुआ था जिसके उपयोग से कीटनाशक बनाया जाता है
जिसने कई लोगों को तबाह किया जिसका मुख्य गुनाहगार एंडरसन तो देश से भाग गया किन्तु वो भोपाल को दे गया सिर्फ दर्द जिसे वो आज भी जी रहा है.
आज इस घटना को हुए पूरे 36 साल हो ग ए किन्तु उसे गैस पीड़ित लोगों को अब भी न्याय नहीं मिला .
आज समकालीन समय में ये घटना हम सबके सामने एक जीवंत उदाहरण है कि एक लापरवाही कितना कुछ हम से ले सकती है.
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