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National Naturopathy Day


" रोग अनेक उपचार एक 

बिना किसी तकलीफ के खत्म करे बीमारियां 

ऐसी है ये प्राकृतिक चिकित्सा 

के लाभ है अनेक"

भारत में हर साल 18 नवंबर को प्राकृतिक चिकित्सा दिवस मनाया जाता है जिसे मनाने का उद्देश्य प्राकृतिक चिकित्सा के उपयोग के सकरात्मका प्रभाव के बारे लोगों को जागरूक करना है.

प्रकृति जो नहीं तो कुछ नहीं जो हमेशा एक नियम से चलती है जिसके लिए कभी थकान जैसा शब्द उसकी कोई किताब में नहीं 

उसने सदैव हमें हर चीज दी है

इस कोरोना वायरस के समय हम लोग सबसे ज्यादा अपने स्वास्थ्य पर ध्यान दे रहे हैं जहाँ हम किसी भी हालात में बीमार नहीं होना चाहते किन्तु ऐसा करने के लिए हम सबसे ज्यादा किन चीजों का उपयोग कर रहे हैं जिसमें हम सब हल्के बुखार से लेकर पैर के दर्द के लिए गोली दवाई खा रहे हैं इसे जानते हुए के अधिक दवाई के सेवन से हमारे स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है.

आज समकालीन समय में जहाँ एक ओर शहरीय जनसंख्या का ज्यादा भरोसा डॉक्टर और गोली दवाई पर है तो वहीं गाम्रीण क्षेत्र में आज भी लोग आयुर्वेदिक और प्राकृतिक चिकित्सा का उपयोग कर रहे हैं इस मामले में वो हमसे ज्यादा सेहत को लेकर सजग है.



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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..