INTERNATIONAL MEN'S DAY



मर्द को दर्द नहीं होता अभिताभ बच्चन की मूवी मर्द में हम सब ने इस गीत को सुना पर क्या सच में मर्द को दर्द नहीं होता? 

ऐसा नहीं है उनको भी दर्द होता है किन्तु वो सार्वजनिक रूप में कभी किसी के सामने नहीं रोते वे अक्सर एकांत में रोते है. हमेशा अपना दर्द छुपाते हैं

आज इंटरनेशनल मैन्स डे है जिसे मनाने का उद्देश्य उनके साथ हो रहे अत्याचार, शोषण, असमानता, के खिलाफ लोगों को जागरूक करना है और उन्हें न्याय दिलाना है केवल महिलाओं के साथ ही घरेलू हिंसा नहीं होती अपितु पुरुष भी घरेलू हिंसा के शिकार होते हैं 

हालांकि ऐसे केस अपवाद स्वरूप ही देखने सुनने को मिलते है ऐसे केस की सुनवाई के लिए अलग से कानून और अदालत भी हैं जो उन्हें ये अधिकार देता है कि वो अपने ऊपर लगे झूठे आरोपों को अपने से हटाएं बल्कि अपने ऊपर होने वाली हिंसा के लिए कानून के सामने न्याय मांगे.

 आज समकालीन समय में समाज में जब पुरूष और महिलाओं के बीच एक लम्बी असमानता की रेखा खींची हुई है ऐसे में हम सब को इसे खत्म करने के लिए आगे आना होगा . 

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