कितना अजीब है अक्सर हम जिस चीज़ को चाहते हैं वो जब हमारे पास आता है तो हम उसे दूर भागते है भले वो कोई ऐसी परिस्थितियों जो हमारे ध्यान में थी कि ऐसा होगा तो या जिसका हमें इंतजार था
किन्तु एक समय बीते हमें वो इतना अच्छा या अनुकरणीय नहीं लगता है कि हम उसका अनुसरण करे फिर भी कई बार मन न होने पर भी उस काम को करना होता है
फिर चाहे वो करना अच्छा लगे या ना लगे.
आज मौजूदा समय हम में से अधिकत्तर लोगों को सपने ऐसे है जिसे देखते वो खुली आंखों से परन्तु उन सपनों का सामना होते दिल में वो खुशी नहीं रह जाती है जो पहले कभी उसे सोचने में थी.
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