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जब तक तुम नहीं बदलोगे कुछ नहीं बदलेगा


 न्यूटन मूवी में राजकुमार राव ( न्यूटन)  ने एक ऐसे व्यक्ति की भूमिका निभाई है जो हर चीज को सही ढंग से करना चाहता है जिसके लिए वो बहुत ज्यादा प्रतिबद्ध हैं वो एक नक्सल प्रभावित क्षेत्र में जाता है जहाँ उसकी जिम्मेदारी है लोगों को वोट डालने के लिए प्रेरित करना और उन्हें पुलिंग बूथ तक लेकर आना ये मूवी हम सब को बताती है कि आज भी कितने लोग को बताया जाता है कि  चुनाव कुछ नहीं ये एक खेल है जिसमें तुम्हें जो चित्र पसंद आए उसकी बटन दबा देना और वोट डाल देना.

जब न्यूटन ये सुनाता है तो वो ऐसा कह रहे अफसर को डांटता और कहता है कि आप इन को ये सब क्या बता रहे हैं इस पर वो कहता है कि इन लोगों को कुछ समझ नहीं आता.

इस मूवी का एक संवाद जो लोगों के बीच में चर्चा का विषय रहा है इस मूवी में एक जगह अफसर कहता है कि मैं लिखकर देता हूँ 'कि यहाँ पर वोट देने कोई नहीं आएगा 'इस पर न्यूटन कहता है कि लिखकर दीजिए यहाँ पर कोई नहीं आऐगा '. 

ये सुनने में भले हमें एक मजाक सा लगे किन्तु ये संवाद हम सब को सोचने को मजबूर करता है 

इस मूवी का सबसे चर्चित संवाद " जब तक तुम नहीं बदलोगे कुछ नहीं बदलेगा बहुत ही प्रसिद्ध है "

आज मौजूदा समय में हर जगह एक विडंबना सी दिखाई देती है जहाँ पर ध्यान से देखने और समझने में मालूम चलता है कि जो जहाँ है उसे वहाँ नहीं होना चाहिए सब जगह दिखाई कुछ और दे रहा है और हो कुछ और रहा है.


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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..