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राष्ट्रीय कानून दिवस


आज संविधान दिवस है इस ही दिन 26 नवम्बर 1949 को संविधान सभा द्वारा संविधान  लागू किया गया था जिसेे' राष्ट्रीय कानून दिवस 'भी कहते हैं जिसमें 22 भाग, 395 अनुच्छेद और 8 अनुसूचियां थी वर्तमान समय में संविधान में 22 भाग 395 अनुच्छेद एवं 12 अनुसूचियां है.

संविधान के कुछ ऐसे संविधान जिसमें 15 अर्थात 5,6,7,8,9,60 324,366,367,379,380,391,392 तथा 393 अनुच्छेदों को 26 नवम्बर प्रवर्तित कर दिया गया था जबकि बाकी अनुच्छेदो को 26 जनवरी 1950 ई लागू किया गया था.

 हमारे संविधान में अमेरिका से मौलिक अधिकार, राष्ट्रपति पर महाभियोग लिया गया है, वहीं ब्रिटेन से एकल नागरिकता ली गयी है वहीं आयरलैंड से नीति निर्देशक तत्व लिए गए है वहीं जर्मनी से आपातकाल लिया गया है रूस से मौलिक कर्त्तव्या लिए गए हैं वहीं संविधान की सबसे महत्वपूर्ण स्त्रोत जिसने संविधान को जीवंत संविधान बनाया जिसे कारण भारत के संविधान को 

' जीवंत संविधान ' भी कहते हैं भारत के संविधान में 

 संशोधन प्रणाली दक्षिण अफ्रीका से लिया गया है.

 भारत के संविधान में एक सबसे महत्वपूर्ण ' संविधान की आत्मा' कहा जाता है संविधान की प्रस्तावना जिसमें " हम भारत के लोग" जो भारतीय लोगों की सम्प्रभुता का उद्घघोष करता है.

"मेरा संविधान मेरा अभिमान

इसके बनाने में कितने ने किया काम

है मेरा महान संविधान."

आज समकालीन समय में एक तरफ संविधान के दिए हुए अधिकार का उपयोग कर कुछ लोग अपनी आर्थिक स्थिति से लेकर सामाजिक स्थिति सुधार रहे हैं वही एक तबका ऐसा भी है जो अपने अधिकार से अनभिज्ञ है जिसका हर दिन शोषण हो रहा है.

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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..