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परीक्षा


जहाँ एक तरफ देश में फिर से कोरोना वायरस के केस बढ़ने लगे हैं जिसके चलते क ई राज्य में फिर से रात का कर्फ्यू लग रहा है तो वहीं दूसरी ओर हम सब युवा के सामने अपनी भविष्य को लेकर अनिश्चितता बढ़ती जा रही है जहाँ कुछ छात्र अपने स्नातक को खत्म कर आगे क्या करेगें इसको लेकर चिंतित है तो वही कुछ छात्र अपने काम को लेकर चिंता जाहिर कर रहे हैं

इस कोरोना वायरस ने जिसको सब से ज्यादा प्रभावित किया है तो वो हमारी पढ़ाई और स्कूल कॉलेज जाना है

 जिसने कोरोना के चलते अपने पढ़ाई कराने के तरीके को तो बदला है साथ ही साथ तकनीक सीखना कितना जरूरी है 

 इसका हम सब को एहसास कराया.

आज हम सब ने अपने मस्तक पर आधुनिकता का तिलक तो लगाया है किंतु जिस मोबाईल फोन को हम साथ लिए घूम रहे हैं उसके बारे में पूरी जानकारी भी हमारे पास में नहीं है.

2030 तक जहाँ एक ओर भारत के आधे युवा आने वाली नौकरियों के लिए अयोग्य हो जाएंगे वहीं दूसरी ओर तकनीकी का विस्तार और बढ़ जाएगा जहाँ ये सम्भावना व्यक्त की जा सकती है जिस काम को लेकर आप बहुत आत्मविश्वासी थे अब उसे कोई ओर करेगा.


आज हम सब छात्र के लिए ये जरूरी हो गया है कि हम जिस क्षेत्र में पढ़ाई कर रहे हैं उसके मूल्य गुणों को सीखे अपनी पसंद को अपनी पहचान में बदले क्योंकि समय बहुत जल्दी बदल रहा है .

जिस तरह हमारे फोन में हर चौथे दिन कुछ न कुछ एप अपडेट करने को आता है ठीक उस तरह हम खुद को भी अपडेट करे .  

" आज जरूरत बदलाव की है ये समय हम सब छात्रों की एक ऐसी परीक्षा का है जहाँ फेल होने का मतलब खुद को सीमित करना है जहाँ परीक्षा पास करने के लिए 33 नंबर की नहीं अपितु काबिलियत और कौशल की जरूरत है . 

 मौसम की तरह हमारे अध्ययन व्यवसाय के क्षेत्र में बहुत तेजी से बदलाव हो रहा है "

* हर दिन कुछ नयी तकनीक सीखें.

* कुछ नया जाने.

* जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में एक काम करें.

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