न आना इस देश मेरी लाडो बहुत पहले कलर्स पर एक कार्यक्रम आता था जो एक ऐसे गाँव की कहानी को प्रस्तुत करता था जहाँ पर लड़की का जन्म लेना ही पाप होता था भूल से भी अगर वहाँ पर लड़की पैदा हो जाती थी तो उसे मार दिया जाता था
आज पहले की तुलना में बालिका मृत्यु दर में कमी आयी है किंतु अभी भी देश में उस गाँव जैसे अपवाद एक दो जगह देखने को मिलते है .
आज कहने को तो ये बहुत सरल है 'बेटा और बेटी में कोई फर्क न करना' किन्तु इसे निभाना उतना ही कठिन है भारत में उतर भारत की तुलना में दक्षिण भारत में सबसे सकरात्मक परिणाम देखने को मिले हैं जहाँ बालिका मृत्यु दर में न सिर्फ कमी आयी बल्कि लोगों की सोच भी काफी हद तक बदली ऐसा नहीं है कि उत्तर भारत में ऐसा इसके लिए प्रयास नहीं किये जा रहे है किन्तु अभी उसमें और भी प्रयास करने की जरूरत है.
आज मौजूदा समय में हम तकनीक के साथ खुद को तेजी से बदल रहे हैं हमारे काम करने के तौर तरीके में भी काफी अंतर आ रहा है अब आवश्यकता है कि हम अपनी सोच को भी बदले जिसकी आज समय को जरूरत है.
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