Skip to main content

ऐसा नहीं

 ऐसा नहीं

कि तुम ही बरसात सह रहे हो 

थोड़ी बरसातें हमने भी काटी है 

ज्यादा नहीं थोड़ी पर

हमने भी दुख भरी रातें काटी है

यू ही नहीं मिलता सबकुछ

एक झटके में, 

"उसे पाने के लिए कितनी बरसातें

बिना छतरी के हमने भी काटी है"

तुफान से कब डर नहीं लगा हमें

किन्तु क ई तुफान की सौगात जिंदगी में आना अभी बाकी है, 

क ई आसूं क ई गम पीकर बड़े होते हैं हम 

क्या तुम्हारी आंखों में आसूं अभी बाकी है

परहेज कर लो थोड़ा रोने से

क्योंकि थोड़ी आसुओं की बाढ़ अभी बाकी है, 

इम्तिहान देते सब है इस जिंदगी में क ई तरह के 

सभी लोग किन्तु किसी की जिंदगी को देख 

उस पर हंसना क्या वाजिब है

सब अपनी परिस्थितियों से लड़ते झगड़ते 

किसी के लिए तो थोड़े आसूं अभी बाकी है 

ऐसा नहीं है जिंदगी के इम्तिहान नहीं देते हम 

क्या करे अब थोड़ा मुश्किलें छुपाना वाजिब है 

ऐसा नहीं है हम कुछ करते वक्त गिरते और ठोकर खाते नहीं 

किन्तु थोड़ा चलना अभी बाकी है

कुछ नहीं तो अनुभव तो मिलेगा

जिंदगी में खुद के लिए लड़ना अभी बाकी है.

Comments

Poornima said…
👍👍👍👍👍really true
𝙏𝙝𝙖𝙣𝙠 𝙮𝙤𝙪

Popular posts from this blog

Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..