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प्रेमचंद

 

कहते हैं कि व्यक्ति जिंदा नहीं रहता है किन्तु उसकी लेखनी सदैव जिंदा रहती है प्रेमचंद पर ये बिल्कुल सटीक बैठती है 

 आज हम उनकी प्रसिद्ध कहानी और उपन्यास के बारे में जानते हैं जो आज भी अमर है.

*गोदान - प्रेमचंद का सबसे प्रसिद्ध उपन्यास है जो किसान की समस्या पर आधारित है 

*निर्मला - ये उपन्यास नारी की समस्या पर आधारित है जिसमें एक लड़की का विवाह उसके पिता की उम्र के व्यक्ति से कर दिया जाता है.

*बड़े घर की बेटी - प्रेमचंद ने इस कहानी के जरिये बताया है कि बड़े घर की बेटी बड़ी केवल इसलिए नही है कि उसके पास पैसा है बल्कि सहजता, स्वभिमान ही उसकी सुंदरता है.

*सेवासदन - ये एक वेश्या की कहानी पर आधारित है.

*कफन - पैसे के अभाव में व्यक्ति किस तरह से मानवता की सारी हदों को पार कर देता है ये इस उपन्यास का केन्द्रीय भाव है.

* पूस की रात - एक किसान की समस्या को दिखाती है जो पूरी ठंड की रातों में अपनी फसल की देखरेख जाग   कर करता है 

* ईदगाह - एक ऐसे लड़के की कहानी है जो अपनी दादी के साथ रहता है ईद पर वो अपनी दादी को उनकी सबसे जरूरत की चीज चिमटा लाकर देता है.

* शतरंज के खिलाड़ी - ये दो शतरंज प्रिय राजाओं की कहानी है 

* बूढ़ी काकी - वृद्धजनों की समस्या पर आधारित है जिसमें एक बूढ़ी अपने बेटे और बहु से बहुत प्रताड़ना झेलती है.

* ठाकुर का कुंआ - ये कहानी निम्न जाति के साथ हो रहे भेदभाव को स्पष्ट तौर पर दिखाती है.

* हरदौल - ये कहानी हिन्दी भाषीय राज्य की लोक कथा पर आधारित है जिसमें हरदौल राजा को उसका अपना भाई एक शक के कारण किस तरह से जहर देकर मरवा देता है और अंत तक उसे इसका पछतावा नहीं होता है.


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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..