गुलाब गैग मूवी नारी को एक ऐसे रूप में बताती है जिस रूप में अक्सर हम लोग उसे नहीं देख पाते.
इस मूवी की मुख्य पात्र माधुरी दीक्षित ( रज्जो) और जूही चावला( सुमित्रा) है इसके निर्देशक सौमिक सेन है और
निर्माता अनुभव सिन्हा, अभिनय देव है
इस मूवी की कहानी एक ऐसे गाँव की है जहाँ एक लड़की का पढ़ने की जिद्द करना उसको मंहगा पड़ जाता है लेकिन वो तब भी पढ़ना नहीं छोड़ती आगे चलकर वो एक ऐसा गाँव बनाती है जहाँ पर महिला और बेटियों को शिक्षित किया जाता है और वो अपनी एक पार्टी बनती है जिसका नाम " गुलाब गैग " रखती है जिसकी अपनी ही ताकत होती है
रज्जो का सपना अपने गाँव में लड़कियों के लिए एक स्कूल खोलना होता है जिसके लिए उसे सरकारी तंत्र और राजनीति के नेता से कई तरह कष्ट मिलते है जिसमें सुमित्रा की भूमिका मुख्य रहती है जिसके सामने रज्जो चुनाव के लिए खड़ी होती है लेकिन सुमित्रा इसमें जीत जाती है और रज्जो की गैग को मारने के लिए पुलिस और गुडों को भेजती है दूसरी तरफ रज्जो को एक संस्था से स्कूल खोलने के लिए 10 लाख का चंदा मिलता है मूवी के अंत रज्जो और सुमित्रा दोनों ही जेल जाती है किन्तु अंत इतने त्याग के बाद रज्जो का स्कूल खुल ही जाता है .
गुलाब गैग मूवी महिला अपराध यौन शोषण, बलात्कार , राजनीति का तंत्र , चुनाव की प्रणाली को दिखाती है.
आज मौजूदा समय में जब महिला सम्बधी अपराध बढ़ रहे हैं तब गुलाब गैग जैसे मूवी हमें सोचने को मजबूर कर दिया है कि महिला कमजोर है कि वो कमजोर हमेशा दिखाई गई है

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