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विचार


 आज लड़कियो का स्कूल कॉलेज भेजना लोगों को खुद को आधुनिकता प्रतीक कहना है किन्तु वहीं आधुनिकता तब कहाँ चली जाती है जब उसे घर पर ही ये सीखाया जाता है कि ऐसी बातें जोर से नहीं किया करते घर के पुरूष के सामने तो बिल्कुल भी नहीं, और ऐसे वक्त में उस लड़की से कुछ घरों में तो ऐसा व्यवहार किया जाता है जैसे वो कोई अपवित्र वस्तु है जिसे छूना अपवित्र माना जाता है, उस समय उस लड़की के स्वास्थ्य को बिना जाने केवल उसे अनजान जैसा व्यवहार किया जाता है.

अगर आप लोगो के घर में ऐसी बाते बिना किसी संकोच के पुरुष के सामने कर दी जाती है तो आप थोड़े आधुनिक तो कहे ही जा सकते है.

आज महिला अपराध लगातार बढ़ रहे है जिसका एक कारण स्त्री की समस्या को गुत्त रहना , तो दूसरी ओर वही सारी चीजें डिजिटल माध्यम में बिना किसी बाधा के मिलना है जिस पर रोक लगाना अब जरूरी हो गया है.

आज समय हम से कह रहा है कि हम सब को बदलना होगा इसके लिए ये भी जरूरी है कि लड़के भी इस चीज को समझे अगर लड़की किसी चीज को लेकर मना कर रही है तो उसे न करे और इतना ध्यान रखें आप जितना दर्द एक साल में नहीं सहते हैं उतना वो हर माह झेलती है फिर वो आप से विनम्र और दयालु होती है जो लोग उसे कमजोर समझते हैं वो ये भूल जाते हैं कि वो दर्द से मिलकर बनी हुई व़ो कली होती है जिसको खिलने के लिए बहुत ताकत की जरूरत होती है अगर आप खुद को आधुनिक मानते हैं तो फिर सोच कर देखिए एक बार इस विषय पर भी.

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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..