आज हम सच में बदल चुके है या हमें बदला जा रहा है जहाँ हमारी सोचने की क्षमता इतनी कम होती जा रही है जहाँ हम ये नहीं समझ पा रहे हैं कि क्या हमारे लिए अच्छा है और क्या हमारे लिए बुरा है, और हम उसका किस तरह से उपयोग कर रहे है?
आज हम युवा जिस युग में जी रहे हैं उस युग में 4 जी डाटा हमें इतना सस्ता मिल रहा है जिसे खत्म करने की होड़ में हम खुद को खत्म करते जा रहे हैं हम ये नहीं समझ पा रहे है कि हमारे लिए क्या सहीं है
और क्या गलत है हमारा लक्ष्य कुछ है कि नहीं.
आज मौजूदा समय में हम युवा पीढ़ी को ये निर्णय लेना है कि हमें कैसे याद किया जाएगा एक दिशाहीन युवा की तरह या एक लक्ष्य सिद्ध युवा की तरह ये निश्चित हमें ही करना होगा.
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