विचार करना जरूरी है


आज हम सब को ये सोचना जरूरी है कि हम आखिर में किस दिशा में जा रहे हैं और हम क्या करने की सोच रहे हैं दूसरे की देखा- सिखी में हम काम एक दो दिन कर सकते हैं किन्तु अगर पूरी जिंदगी हमें ये कहा जाऐं तो हम इसे नहीं कर पाएगे क्यों कि न इसमें हमारा जुनून होगा न कोई दिलचस्पी.

आज इस भागदौड़ भरी जिंदगी में एक प्रतिशत से भी कम लोग है जो अपनी तरह से काम करना चाहते वो दूसरे की नकल करके नहीं बल्कि खुद के तौर तरीके से अपना काम करना चाहते हैं.

 वैसे तो हम सब लोगों के कोई न कोई आदर्श व्यक्ति होते हैं जिनके आदर्श पर हम चलना चाहते हैं किन्तु हम चल नहीं पाते.

आज हम सब को ये निर्णय लेना होगा कि हम किस राह पर चल रहे हैं और जो काम हम कर रहे हैं वो हमारे द्वारा ही सोचा गया था न किसी दूसरे व्यक्ति की देखा सिखी तो हम वो काम नहीं कर रहे हैं क्योंकि आज आवश्यकता संख्या से ज्यादा गुणवत्ता की है .

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