आत्महत्या रोकथाम दिवस


आत्महत्या एक ऐसा शब्द जो किसी व्यक्ति की जिंदगी शुरू होने से पहले ही उसे खत्म कर देता है.

यू तो भारत के संविधान में अनुच्छेद 21 में व्यक्ति क़ो जीने का अधिकार दिया है जिसमें उसकी गरिमा, गोपनीयता भी है.

इसके विपरीत नीदरलैंड व्यक्ति को आत्महत्या का

अधिकार देता है.

यू तो आजकल सुसाइड शब्द मीडिया की सुर्खियों में रहा है . 

किन्तु हमें ये समझना आज जरूरी है कि आखिर क्या वो कारण है जिसके चलते व्यक्ति आत्महत्या करने को विवश हो जाता है.

जिसके क ई कारण में एक कारण उसके भविष्य के प्रति उदासीनता है तो दूसरा अपने लक्ष्य को न प्राप्त कर पाने का खेद.

खेद जो व्यक्ति को किसी न किसी चीज को न प्राप्त कर पाने के कारण होता है.

जैसे किसी को डाक्टर बनना था लेकिन वो कुछ और कर रहा है .

आज समकालीन समय में आप अपने आस पास देखेगें तो आपको हजार नकरात्मक चीजों के सौ सकरात्मक चीजें भी दिखेगी ये आप पर निर्भर करेगा कि आपका नजरिया कितना व्यापक है और आप अपनी परेशानी से किस तरह से लड़ते हैं

"कलाम अपनी आत्मकथा अग्नि की उड़ान में कहते हैं आज के युवा को जीवन - शैली को स्वपराजय की ओर ले जाने वाले इन रास्तों से बचना चाहिए

मेरा भ्रम, मेरा मूल्य

तेरी महानता, मेरा रश्का

मेरी कुव्वत से परे कितना तू 

मुझमें तेरी हो तो अकसा.

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