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आज के दौर में


जहाँ सादा जीवन उच्च विचार की परिभाषा ही बदल गयी है जहाँ लोगों को जज उनके कपड़े और वेषभूषा से किया जाता है.

आज भले ही हम कहे कि हम बहुत सादा जीवन जीने की कोशिश करते हैं किन्तु उनके वो दावे जब गलत हो जाते हैं जब वो कुछ ऐसा काम कर लेते हैं जो उनके इस दिखावे को पूरी तरह से गलत दिखाता है.

यू तो आज हर कोई अच्छा दिखाने के लिए खुद को हर दिन बेहतर बनाने की कोशिश में लगा रहता है किन्तु वो ऐसा करते वक्त वो ये बिल्कुल भूल जाता है कि उसकी खूबसूरती केवल उसके अच्छा दिखाने से ही है यह उसकी सादगी में है.

आज'  Beauty needs no ornaments' जैसा तो कुछ बचा ही नहीं है.

किन्तु तब भी  ये  विचार करने वाली बात है कि सादगी दिखावे में है यह सादा रहने में.

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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..