कहते हैं कि मांगने से ज्यादा किसी चीज को मेहनत करके पाना बहुत मुश्किल है किन्तु अपनी कमाई हुई चीज हमेशा अपने पास रहती है भले वो काबिलियत, पैसे हो या सौहरत हो किन्तु आज के समय में ,
कहने और करने में बहुत अंतर है आज हर कोई मशहूर होना चाहता कुछ लोगों के अमीर बनने का ख्वाब है किन्तु बहुत कम लोग ही है जो इसे पाने के लिए मेहनत करना चाहते हैं आधे से ज्यादा लोग ये सोचकर चलते हैं कि उन्हें बड़ा आदमी बनना है फिर चाहे किस भी माध्यम से हो किन्तु वो ऐसा सोचते और करते वक्त ये भूल जाते हैं कि किसी भी चीज को पाने के लिए जरूरी है कि आप का माध्यम सही हो .
क्योंकि सच्चाई यही है कि दूसरे के दम पर पायी गयी काबिलियत दो तीन दिन की होती है और एक दो तीन करते चार पांच , छ: , सात होते निकल जाती है इसलिए जब कुछ करने की ठानी है तो क्यों न उसे अपनी दम पर ही की जाएं.
आज समकालीन समय की असलियत यही है कि यहाँ मांगने पर वही मिलेगा जो किसी का छोड़ा हुआ झूठन होगा किन्तु अगर आप उसे मेहनत करके पाएंगे तो वो आपके मरते दम तक काम आएगा.
* इसलिए जब कुछ करने की ठानी है तो खुद से करों *.
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