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हिन्दी के अपने मायने आज भी है


आपको को जब भी चोट लगी तो आप  सब ने सबसे  पहले किस शब्द को बोला कभी गौर किया क्या आप ने.

आज भी जब भी हमें दर्द होता है तो हम सबसे पहले माँ ही बोलते है जिसका संधि विच्छेद नहीं किया जा सकता है.

वो ही माँ जिसे अग्रेंजी में mother कहते हैं अगर उसे m    हटा दिया जाएं   तो वो   other    हो जाएगा जिसका मतलब  कुछ भी नहीं.

यू तो भारत में भाषाओं के भी कई प्रकार है जैसे मातृभाषा  जो माँ द्वारा बोली जाती है, राजभाषा जिसमें सभी शासकीय काम होते हैं, राष्ट्रीय भाषा जो पूरे राष्ट्र में बोली जाती है क्षेत्रीय भाषा जो सीमित क्षेत्र में बोली जाती है,

लेकिन आज सभी भाषाओं में सबसे ज्यादा हिन्दी भाषा  प्रयोग हमें अधिकतर देखने को मिलता है क्योंकि हिन्दी भाषा ने अपने साथ उदू, मराठी, अग्रेजी जैसी भाषा को भी शामिल कर लिया है जिसके चलते आज हिन्दी भाषा  बहुत ही प्रचलित है..

किन्तु एक दूसरा भी कठवा सत्य है कि हम आज हिन्दी भाषा की वो इज्जत नही कर रहे हैं जो हमें करनी चाहिए.

आज हिन्दी भाषा अपने अस्तित्व की लड़ाई  अकेले ही लड़ रही है.

आज मौजूदा समय में हमें ये नहीं भूलना चाहिए कि आज हम जिस हिन्दी भाषा को पढ़ रहे हैं वो बोलने और लिखने दोनों में सरल है आजादी से पहले की हिन्दी जिसमें  उदन्त मार्तण्ड अखबार की भाषा बहुत कठिन थी लेकिन उस समय लोगों की हिन्दी बहुत ही सही थी जिस कारण वो कठिन से कठिन शब्द आसानी से जानते और बोलते थे.

मैं ये बिल्कुल भी नहीं कहती है कि आप अग्रेजी न सीखे आप उस भाषा को जरूर लिखना और बोलना सीखें  लेकिन इसके चक्कर में आप अपनी भाषा हिन्दी भाषा को भूल जाएं ये तो गलत होगा.

और वैसे भी आज के समय में अच्छी हिन्दी लिखने के लिए अग्रेजी आना बहुत ही जरूरी है क्योंकि कभी भी किसी ज्ञान और जानकारी के लिए भाषा बाधा नहीं बनी बल्कि सदैव उसने हमें एक नयी राह दिखाई है.

आज मौजूदा समय में हम सब को अपनी भाषा को बचाएं रखने के लिए जरूरी है कि हम उसका सम्मान करें

क्योंकि जब तक हम अपनी भाषा का प्रयोग नहीं करेगें तब तक कोई हमारी भाषा का उपयोग नहीं करेगा.

"हिन्द से हिन्दी बना

जिसमें  भारत ने इतिहास गढ़

हर क्षेत्र की भाषा को जिसने अपने  में  शामिल  किया,

हिन्द से हिन्दी बना

हि से हिन्दुस्तान बना

हि से आती है हिम्मत हमें

है हि से हिन्दी बना "

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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..