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आज इसे समझने की जरूरत है


हमारे देश में क ई ऐसी जनजाति पायी जाती है जो अपने स्तर पर न केवल अपना भरण पोषण कर रही है बल्कि व़ो पर्यावरण को भी सुरक्षित करने में अपना योगदान दे रही है .

उदाहरण के तौर पर मध्यप्रदेश की सहरिया जनजाति जिसका आज अपना अलग महत्व है ये जनजाति मुख्य रूप से जड़ी - बूटी की खेती करती है.
बता दे कि सहरिया शब्द की उत्पत्ति फारसी भाषा के सहा से हुई है जिसका अर्थ 'वन ' से है इसका मुख्यालय शिवपूरी, गुना और ग्वालियर है.
आज समकालीन समय हमें उन जनजाति से सीख लेने की जरूरत है जो  पर्यावरण को बचाने के लिए अपना योगदान दे रहे हैं .

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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..