रवींद्र नाथ टेगोर


साहित्य दो तरह का होता  है एक जो  समाज की वास्तविता को बताए तो दूसरा वो जो  समाज के वर्ग को शिक्षित करने का काम करे और एक नयी राह की ओर समाज को ले जाएं.
एक ऐसा ही लेखन ही रवींद्र नाथ टेगोर का है जिनके साहित्य  आनंद मठ से भारत का राष्ट्रीय गीत 

"जन गण मन अधिनायक" लिया गया है जो मुख्य  रूप से  बांग्लाभाषा के लेखक हैं.

आज समकालीन समय में  लेखन के  अलग- अलग रूप है

लेकिन बहुत कम ही लोगों के लेखन ऐसे है जो    कि "तमसोमाज्योतिर्ग मय"  की तरह  है जिसका हिंदी तरह  अंधकार को दूर कर प्रकाश की ओर ले जाना  है.

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