Skip to main content

एक नज़र इस पर भी


आखिर क्या है अनुच्छेद 370 जम्मू कश्मीर की कहानी?


भारत 15 अगस्त 1947को  आजाद हुआ उस समय जम्मू कश्मीर के राजा हरीसिंह थे जो जम्मू कश्मीर को आजाद ऱखना चाहते थे जिस कारण  उन्होंने  जम्मू कश्मीर को किसी  के साथ विलय नहीं किया  लेकिन  पाकिस्तान जम्मू कश्मीर को पाना चाहता था जिस कारण से  कबालियों के
साथ मिलकर 22अगस्त 1947  को    जम्मू कश्मीर पर हमला किया.
24 अगस्त 1948 को जम्मू कश्मीर के राजा हरीसिंह ने भारत सरकार से सहायता मांगी थी और  जम्मू कश्मीर को भारत में विलय करने को कहा 23अगस्त 1948 को भारत सरकार ने इसे  स्वीकार किया और जम्मू कश्मीर में सैनिक सहायता भेजी । बता दे कि जम्मू कश्मीर के राजा हरीसिंह ने उसी विलय पर साईन किये थे जिस पर बाकी सभी रियासतों के राजाओं ने साईन किए थे.
इस विलय पत्र के अनुसार ,भारत सरकार  केवल जम्मू कश्मीर के प्रति रक्षा, दूरसंचार और विदेशी मामले में ही हस्तक्षेप करेगी और  शेष मामले के लिए    जम्मू कश्मीर राज्य  को स्वयं निर्णय लेने की आजादी होगी.
बता दे कि सन् 1954 जम्मू कश्मीर  राज्य को भारत में विलय  कर दिया गया था.
जम्मू कश्मीर के भारत में विलय के बाद वो भारत का एक अभिन्न अंग बन गया और भारतीय संविधान के लागू होने के बाद  भाग ख राज्य में मिल गया.
आपको बता दे कि
भारतीय संविधान में यह प्रावधान किया गया है कि अनुच्छेद 11 और 370 जम्मू कश्मीर राज्य पर  लागू होगे और बाकी बचे अनुच्छेद को लागू करना ये भारत के राष्ट्रपति पर निर्भर करता है जो राज्य सरकार के परामर्श से निश्चित होगा.
अनुच्छेद 370  में जम्मू कश्मीर राज्य के अनुसार जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा प्राप्त है  जिसके अनुसार जम्मू कश्मीर को लेकर कुछ विशेष  प्रावधान है
* जम्मू कश्मीर को एक अलग संविधान की व्यवस्था है.
* क्योंकि अनुच्छेद 370 भारतीय संविधान का अंग है जिस कारण उसमें भारत के संविधान के भाग 20 के अनुसार ' संविधान का संशोधन ' सम्भव है जिससे  जम्मू कश्मीर राज्य का संविधान प्रभावित हो जाता है.
और उसके बाद   26 नवम्बर सन्  1957  जम्मू कश्मीर का अपना अलग संविधान लागू हो गया.
इसके अलावा  अनुच्छेद 249 के  अंतर्गत ' संसद को राष्ट्रीय हित में राज्य के विषयों पर कानून बनाने की शक्ति मिली है, जो जम्मू कश्मीर राज्य के संदर्भ में भी लागू होती है.
44 वे संविधान संशोधन द्वारा सम्पत्ति के अधिकार को मूल अधिकारों की श्रेणी में निकाल दिया गया है जबकि जम्मू कश्मीर राज्य को सम्पत्ति का अधिकार आज भी मिल है इसके लिए एक नया अनुच्छेद 35 (के) जोड़ा गया है.
जिसके अनुसार जम्मू कश्मीर में बाहरी राज्य का कोई भी व्यक्ति जमीन नहीं खरीद सकता है.

आपको बता दे कि जम्मू कश्मीर  5 अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 और 35 ए हटा दिया गया 
जिसके अनुसार  अब जम्मू में विशेष राज्य का दर्जा नहीं है  और 35 ए के खत्म होने के बाद जम्मू कश्मीर में कोई भी व्यक्ति जमीन खरीद सकता है.
और अब जम्मू कश्मीर का कोई अलग से न तो संविधान होगा और न ही झंडा होगा.
   31 अक्टूबर को   जम्मू कश्मीर को दो भागों में बांट  दिया गया जिसमें लद्दाख और कश्मीर  को दो अलग केन्द्र शासित प्रदेश के रूप में विभाजित किया गया.

और जम्मू कश्मीर की  पीपुल्स आफ    डेमोक्रेटिक   ( पीडीपी)की मुख्यमंत्री मेहबूब मुफ्ती को पब्लिक सेफ्टी एक्ट के तहत नजरबंद किया गया  था.

जम्मू  कश्मीर 370 खत्म हुए पूरे एक साल हो ग ए है और
*आज इस विषय पर सभी जानकारी के अलावा प्रत्यक्ष रूप से हमे ये देखना भी जरूरी है   कि आखिर जम्मू कश्मीर से विशेष राज्य का   खत्म करने से,कश्मीर के लोगों के जीवन में क्या बदलाव  आएं.

बता दे कि जम्मू में  इन्टरनेट सेवा अभी भी बंद है जिसके चलते  वहाँ का परिस्थिति अभी उतनी अच्छी नहीं है जितनी कि होनी चाहिए  .

सरकार को चाहिए कि वो एक बार फिर कश्मीर जाकर वहाँ के लोगों से बात करे  और उनकी समस्या  को सुने .

हालांकि  जम्मू कश्मीर में  उपराज्यपाल  भी बनाएं गए हैं जो गुजरात कैडर से1985 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। जिनका नाम गिरीश चंद्र मुर्मू है.*


                                                 


Comments

Popular posts from this blog

Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..