आवाज बनों अपनी तब ही कुछ होगा
यू कहने से कुछ नहीं करने से होगा
थोड़ा थोड़ा ही कदम बढ़ाओं
आगे तुम ,
तुम्हारे करने से ही कल कुछ बेहतर होगा
आज नहीं कल करेगें
ऐसा कहने से बस थोड़े ही कुछ होगा,
हर जख्म को सह के
ही लेकिन आगे चलना तो होगा
आवाज बनों
अपनी क्यों कि रास्ता तुम्हें ही चलना होगा,
आगें पीछे कोई नहीं जानता
कैसा समय खड़ा होगा
अपनी आवाज तुम्हें ही बनना होगा
एक दो तीन नहीं
अब तो सीधे ही तुम्हें अपने शब्द कहना होगा,
आवाज बनों खुद की
क्योंकि अपने वजूद के लिए तुम्हें ही आगे बढ़ना होगा.
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