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जब समस्या ही


हम अक्सर अपने दोस्तों से या अपने किसी ऐसे खास इंसान से अपनी मुश्किलें कहते   रहते हैं जैसे सिर्फ हमारी ही जिंदगी में केवल समस्या है और बाकी कि जिंदगी में तो कुछ नहीं . 

जबकि हम इस बात से बिल्कुल अनजान होते हैं कि जिस दोस्त से हम ये सारी बातें कह रहे हैं उसकी जिंदगी में भी परेशानी के काले बादल हो सकतें है.

आज हमें कुछ चीजों पर जरूर   विचार करना चाहिए कि क्या आज सच में हम जिन्हें   परेशानी समझ रहे हैं क्या वो सच में हमारी परेशानियां है.

कि हम बेवजह ही इसे परेशानी मान बैठे हैं दोस्तों में जितना अपने आस पास रहे लोगों को समझ पायी जिनमें भले ही वो  मेरे  दोस्त हो, मेरे अपने  मैंने सबसे बात कर ये पाया कि सबकी जिंदगी में कुछ न कुछ ऐसा है जो कि उसे लगता है कि बहुत बड़ा और एक बहुत बड़ी परेशानी है   .

जबकि सच्चाई इसे विपरीत ही है आज हमें उन लोगों के बारे में विस्तार से जानने और समझने की जरूरत है जिनकोे देखकर हमें ये लगता है कि" इनकी जिंदगी तो कितनी अच्छी है किसी तरह की कोई परेशानी नहीं है " दोस्तों हर सिक्के के दो पहलू होते हैं  किन्तु अफसोस  हम केवल एक ही पहलू को समझ पाते हैं दूसरा पहलू न हमने समझने की कोशिश की और न ही कभी  हमने जानी.

आज मैं अपने सभी मित्रों और पाठकों  से केवल इतना कहना चाहूंगी कि अगर तुम सच में अपने जीवन में कुछ बेहतर करना चाहते हो  तो तुम उस पेड़ की तरह हो जाओं जिसमें कितनी भी तेज धूप हो, लेकिन धूप सहने की हिम्मत होती है, कितनी ही आंधी चल रही हो खड़े होने की हिम्मत होती है, आज हमें इस कोरोना वायरस की महामारी के समय उस  पेड़ की तरह ही होना है कुछ भी हो जाएं लेकिन अपने काम को करना.

वैसे भी पत्थर उसी पर पड़ते हैं जिसमें सहने की ताकत होती है समस्या उसी के पास होती है जिसे सहने की ताकत होती है.

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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..