रास्ता बड़ा लम्बा है इस लेखन का
लेकिन तब भी थोड़ा लिखना जरूरी है,
रोते हंसते ही जिंदगी कटती है लेकिन
लिखना फिर भी जरूरी है
इसलिए नही मुझे लोग जाने
इसलिए कि मुझे
लेखन को जानना जरूरी है
लम्बा है तो क्या हुआ
जब तक सांस है तो तब इस लेखन की प्यास हो
किसी और से नहीं बल्कि मुझे खुद से ही
खुद पर इतना विश्वास हो
तुझें लिखने का जुनून देना मुझे
भले फिर भी मेरे साथ कितनी परेशानी साथ हो ,
कहते हैं एक अच्छा दोस्त ही समझ सकता है आपको
लेकिन अब तो किताब में ही मशहूर ऐसी दोस्ती हो,
क्योंकि दोस्ती करना सरल है लेकिन निभाना कठिन है
रास्ता लम्बा ही सही साथ चलने का तेरा मेरा साथ हो.
कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है। आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो।
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