जैसा हम सोचते हैं वैसा ही हम हो जाते हैं इसलिए हमें अपनी सोच हमेशा बड़ी रखनी चाहिए लेकिन केवल सोच बड़ी रखने से कुछ नहीं होगा जब तक हम मेहनत नहीं करेंगे.
कलाम जिनके बारे में हर कोई जानता है लेकिन उनकी सफलता के पीछे की मेहनत बहुत कम ही लोग जानते हैं आज भी अगर भारत में किसी ऐसे व्यक्ति की बात की जांए जिसके संघर्ष ने भारत को एक ऐसी चीज दे डाली जिसकी हम कल्पना भी नहीं कर सकते तो वो 'कलाम' है
लोग हमें आत्मकथा पढ़ने को क्यों कहते हैं मेरे मन भी हमेशा ये प्रश्न रहता था लेकिन अग्नि की उड़ान पढ़कर मैंने जाना की आत्म
कथा केवल व्यक्ति की उपलब्धि और स्थिति को जानने के लिए नहीं पढ़ी जाती बल्कि वो इसलिए पढ़ी जाती है जिसे हमें ये मालूम चलता है कि उसने किन परिस्थितियों में भी ऐसा महान काम किया.
कलाम की कही वो पंक्ति याद आती है कि हम छोटी -
छोटी परेशानियों में खुद को उलझाकर रखते हैं और कहते हैं कि हमारे जीवन में बहुत परेशानी है जिस कारण हम कुछ नहीं कर पाते किन्तु जब हम किसी दूसरे की जिंदगी को जानते हैं तो मालूम चलता है कि हमारी तो कोई समस्या ही नहीं .
" आज समकालीन समय में जब चारों तरफ से केवल नकरात्मक खबरें ही आ रही है हर जगह से बुरी घटना ही सामने आ रही है किन्तु इस विपरीत परिस्थितियों के बावजूद बहुत सारे ऐसे लोग है जो अपनी परेशानी को अलग रखकर कुछ बेहतर कर रहे हैं .
** हमारा देश एक अरब लोगों का देश है इसलिए हमें व्यापक दृष्टि से सोचना चाहिए हमारा दृष्टिकोण निडर होना चाहिए क्योंकि ताकत से ही इज्जत मिलती है **
कलाम
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