अक्सर हम इसे सुनते हैं कि गया वक्त कभी वापस लौट कर नहीं आता लेकिन क्या आज हम सचमुच इसका इस्तेमाल करते हैं शायद नहीं हम बहुत ही जरूरी काम को ही आज करने की सोचते और बाकी सब कल पर छोड़ देना तो हमारी आदत सी बना गयी है.
हमारे आस पास कई ऐसे लोग मिलते हैं जो अपने काम के प्रति बड़े वफदार होते हैं आज का काम आज ही करने की सोचते फिर चाहे ऐसा करते हुए वो परेशान क्यों न हो लेकिन ऐसे लोगों की संख्या बहुत कम है.
दोस्तों अपने जीवन में वही ज्यादा सफल होते हैं जो "आज के काम को आज ही करने में विश्वास रखते हैं इसलिए तरक्की उनके कदम चूमती हैं और वो अपनी मंजिल पाते हैं."
वैसे कबीर का दोहा भी समय को लेकर काफी सही है-
" काल करे सो आज कर ,आज करे सो अब
पल में प्रलय होएगी , बहुरी करेगा कब".
*न मैंने और न तुमने हम दोनों ने अपना कल नहीं देखा इसलिए आज ही कार्य करिये जिसे आप को पछतावा न हो कि अपने अपने लिए कुछ नहीं किया*.

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