भोपाल के बाद अब आंध्रप्रदेश के विशाखापट्टनम में गुरूवार को करीब 3: 30 बजे स्टाइरीन गैस का रिसाव होने लगा जिसे कारण करीब 11लोगों की मौत हो गयी और 300 से ज्यादा लोग अस्पताल में भर्ती कर गए.
अब सवाल यही उठता है कि आखिर कब तक?
आखिर कब तक लोगों की संख्या में अलग से गैस पीड़ित की लाईन होगी?
जो लोग फैक्ट्री लगाते हैं वो ये नहीं सोचते कि उसे शहर से बाहर स्थापित किया जाए जिसे कि कोई और राज्य भोपाल जैसी 3 दिसम्बर 1984 की रात न बने.
**न बने कोई और गैस पीडि़तों की बस्ती क्योंकि नहीं है किसी की मौत सस्ती.**
Comments