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आर्थिक विषमता में जन्म लेती है प्रेम कहानी





उपन्यास- इसमें  स्त्री के तीन रूप को दिखाया गया है जिसमें जमुना जो चंचल, लिली पढ़ी लिखी समझदार लड़की, सत्ती एक तेजस्वी वृद्धि मान लड़की है .
मुख्य पात्र_ मणिका मुल्ला जो एक लेखक हैं और जिनकी कहानी  मध्य वर्ग से सम्बंधित है  जो इस उपन्यास के कथाकार और कहानीकार दोनों ही है
जमुना  जो ऊंची जाति की लड़की  है  जिसे अपनी जाति से छोटी जाति के लड़के तन्ना से प्रेम हो जाता है लेकिन  जमुना के माता पिता  इसके लिए राजी नहीं होते, जमुना के पिता एक रेल्वेकार्मी है लेकिन उनके वेतन से केवल घर का काम ही चल पाता है जमुना कि  आयु  जब 20 वर्ष की होती है तो उसके माता पिता को उसके विवाह की बड़ी चिंता होती है और कुछ दिनों के बाद उसका विवाह एक  उम्र दराज बूढ़े के साथ कर दिया  जाता है जिसका कारण केवल उसके माता पिता के पास जमुना की शादी के लिए दहेज का न होना है.
वहीं लिली जो एक पढ़ी लिखी लड़की है उसके पिता बहुत  पहले ही स्वार्ग सिधार गए हैं घर में उसकी माता और लिली वो दोनों रहती है लिली को और आगे पढ़ना है लेकिन उसकी शादी तन्ना से कर दी जाती है लेकिन वो पढ़ना   नहीं छोड़ती.
"सूरज का सातवां घोड़ा उपन्यास मुख्य रूप से ये बताने की कोशिश करता है कि वर्ग संघर्ष के बीच ही प्रेम जन्म लेता है लेकिन व्यक्ति कुछ लोगों और समाज के डर से उसे पूरा नहीं कर पाते हैं  आज ज्यादातर कहानी जमुना जैसी लड़कियों की है जिसमें लिली जैसी लड़की अपवाद स्वरूप बहुत कम है."

समकालीन समय में इस उपन्यास की प्रासंगिकता हमें कई जगह पर देखने को मिलती है फिर चाहे वो आस पड़ोस हो या समाज . 

** सूरज का सातवां घोड़ा साहस , सत्य के प्रति निष्ठा, विश्वास, प्रकाशवाही आत्मा है  *.*

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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..