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विचार करना जरूरी है इस समस्या पर भी

 आज जब हम खुद  को आधुनिकरण का प्रतीक समझते है तो हमें क्या ऐसी भाषा का प्रयोग करना चाहिए  जो अभद्रता को दर्शाता हो .
 सोशल मीडिया पर भी  कुछ लोग इस तरह की अभद्रता (  गालियों  ) का प्रयोग कर लोगों का मनोरंजन कर रहे है .
जहाँ कुछ लोग एक दो    गाली  लिखाकर खुद को बड़ा होशियार समझते हैं शायद वो ये सब बोलते वक्त ये भूल जाते हैं कि आज इसी कारण गवार की परिभाषा बदल गयी है पहले गवार उसे कहाँ जाता था जो गाँव अनपढ़ व्यक्ति जो बात 2 पर  गालियों
की बौछार करता था लेकिन आज वर्तमान समय में गवार उसे कहा जाता है जो शहरी होकर भी  गालियों  का प्रयोग ऐसे करता है जैसे उसने इसकी भी डिग्री प्राप्त कर ली है.
"आज वर्तमान समय में जहाँ एक तरफ लोग बहुत ज्यादा सभ्य हुए हैं वहीं दूसरी तरफ लोग के बातचीत करने के तौर -तरीके में  गाली का प्रयोग भी बढ़ चढ़कर करने लगे 
 है अगर समय रहते सोशल मीडिया से ऐसे लोगों को बैन न किया गया   वो दिन दूर नहीं जब बच्चे A Apple nahi   अनव शनव   गालिया
  रट रहे  होंगे समय रहते इस पर ध्यान देना जरूरी है.  "                  


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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..