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आज के समय भी प्रासंगिक है



स्लमडॉग मिलेनियर
इस मूवी की कहानी दो भाई सलीम और जमाल पर आधारित है जमाल जो एक चाय वाला है जिसका सामान्य ज्ञान   बाकी लोगों से ज्यादा  हैं जिस कारण वो कौन बनेगा करोड़पति में जाता है और वहाँ से जीतकर आता और विजेता बन
 जाता है  .
फिल्म - स्लमडॉग मिलेनियर 2008 में आयी है
गीतकार - सुखविंदर सिंह, विजय प्रकाश, तन्वी शाह, महालक्ष्मी अय्यर संगीतकार - एआर रहमान.
जिसका गान हम सभी को प्रेरित करने वाला है
** आजा आजा जींद शामियाने के तले
आज ज़री वाले नीले आसमान के तले
जय हो"
इस मूवी को आस्कर भी मिला है
Best sound Mixing -won
Best original score- won
Best  original song- won

एक स्लम एरिया से निकल लड़का किस तरह से  मिलिनेयर बनता है  इसे दिखाने में ये मूवी काफी हद तक सफल हुयी है
आज के समय में जब  लोग ये सोचते हैं कि उनके पास ज्ञान तो है लेकिन पर्याप्त साधन नहीं है  ऐसे लोग को ये मूवी जरूर देखनी  चाहिए.
" तमसो  मा ज्योर्तिगमय"
 इस पर सही लगता है जिसका अर्थ अंधकार को दूर कर प्रकाश की ओर ले जाना.

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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..