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विचार करना जरूरी है


सीता से क्या सीखें आप?
आज किसी की माँ ये नहीं चाहेगी कि उसकी बेटी सीता बने  क्योंकि उन्होंने  कदम कदम पर परीक्षा दी  .
आज की हर बेटी केवल यही प्रश्न पूछेगी कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि जिसके कारण सीता  ने धरती माँ से शरण मांगी और वो धरती में समा गयी.
जिसका उत्तर अपने आत्मसम्मान की रक्षा करना है जिसने न केवल खुद को बल्कि समस्त स्त्री जाति को ये बताया कि ये संसार आज हमारे रहने लायक नहीं है.
" आज के समय में नारी न केवल  माँ , पत्नी, बेटी या  बहन है बल्कि वो शक्ति का रूप है जिसका हमें
सम्मान   करना चाहिए
उसका अपमान    करते  समय हम  ये भूल जाते हैं कि वह ही इस धरती  पर संतान ला सकती सृष्टि का निर्माण कर सकती है "
*उसकी क्षमताऐं अनंत है बस उसे पहचानने  की जरूरत है.*

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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..