विचार करना जरूरी है


सीता से क्या सीखें आप?
आज किसी की माँ ये नहीं चाहेगी कि उसकी बेटी सीता बने  क्योंकि उन्होंने  कदम कदम पर परीक्षा दी  .
आज की हर बेटी केवल यही प्रश्न पूछेगी कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि जिसके कारण सीता  ने धरती माँ से शरण मांगी और वो धरती में समा गयी.
जिसका उत्तर अपने आत्मसम्मान की रक्षा करना है जिसने न केवल खुद को बल्कि समस्त स्त्री जाति को ये बताया कि ये संसार आज हमारे रहने लायक नहीं है.
" आज के समय में नारी न केवल  माँ , पत्नी, बेटी या  बहन है बल्कि वो शक्ति का रूप है जिसका हमें
सम्मान   करना चाहिए
उसका अपमान    करते  समय हम  ये भूल जाते हैं कि वह ही इस धरती  पर संतान ला सकती सृष्टि का निर्माण कर सकती है "
*उसकी क्षमताऐं अनंत है बस उसे पहचानने  की जरूरत है.*

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