१. असली फोकस तब मालूम चलता है जब किसी काम के प्रति उसे न करने की हजार वजह आपके सामने खड़ी हो.
२ . कितना अजीब है न कि लोग आपको केवल तब ही याद रखते हैं जब उनका आपसे कुछ काम हो.
३. जीता हर कोई है मरता हर कोई है बस फर्क इतना होता है कि कोई मरकर भी हमारे दिल में जीता है तो कोई जिंदा रहकर भी जिंदा नहीं होता.
४. आये हैं तो जाना तो निश्चित है लेकिन आप अपने जीवन में ऐसा कुछ करो कि अगर मौत भी आ जाए तो सुकून हो कि खुद के लिए कुछ बेहतर किया है.
५. लोग वही है जो आपके अच्छा करने पर आपको शाबाशी देगे और आपके गलत करने पर आपकी आलोचना भी करेंगे इसलिए लोगों से नहीं बल्कि खुद से ये स्पष्ट कर लो कि शाबाशी लेनी है कि आलोचना सुननी है.
६. सबसे ज्यादा अच्छा होता है समय काटने के लिए किसी कहानी या कविता को पढ़ना कम से कम वो आपको लिखने और बोलने के साथ आपका ध्यान तो बांटती है.
७. जब आप किसी की गलती सहन नहीं कर सकते तो आप भी इस गलत फहमी को मत पालिऐ कि वो आपकी गलती को माफ कर देगा.
८. आज में जीना सीखा लो जो आपके यार ,दोस्त या रिश्ते दार है उनको नजर अंदाज करना छोड़ दो मालूम नहीं फिर उनसे मिलों या न मिलों.
९. समय की क्या ताकत है जिसकों आज अपने सामने जीता देखते है कल उसी के न रहने पर उसके घर दो आसूं रोने भी जाते हैं.
१० लोगों की आपके काम के प्रति कितनी रूचि है ये जब ही मालूम चलता है जब वो अपना कोई काम कर रहे हो.
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