डॉ भीमराव अंबेडकर




आज भी डॉ.भीमराव अम्बेडकर जी के हमारे जीवन में बहुत मायने रखते हैं जिन्हें "संविधान का निर्माता "
कहा जाता है  आज उन की जन्म तिथि है जो भारत के पहली कैबिनेट के पहले विधि मंत्री थे.
भीमराव के जीवन में कष्ट कम नहीं थे लेकिन उन्हें सदैव खुद को बेहतर बनने के लिए प्रयास किया उनके जीवन में उन्होंने बहुत से कष्ट झेले लेकिन इसके बाबजूद अम्बेडकर ने खुद को कभी कम नहीं आंका अपनी क्षमता पर विश्वास किया जिस कारण उन्हें आज भी लोग भूले नहीं है   
 अम्बेडकर पर वो कहावत बिल्कुल सूट करती है" गूदड़ी का लाल" जिसका अर्थ गरीब के घर
में गुणवान की उत्पत्ति होना है लेकिन उनके योगदान को भूल नहीं जा सकता इतना कष्ट झेलने के बाबजूद वो खुद के साथ इस देश का कल्याण कर गये.
"आज समकालीन समय में हम भारतीयों को अपने संविधान के महत्व को समझना चाहिए जिसमें नागरिकों को अनुच्छेद 14 समता का अधिकार, अनुच्छेद 19 स्वतंत्रता का अधिकार, अनुच्छेद 23 शोषण के विरुद्ध अधिकार, अनुच्छेद 25 धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार, अनुच्छेद 29 संस्कृति और शिक्षा का अधिकार, अनुच्छेद 32 संवैधानिक उपचारों का अधिकार इन सभी अधिकार को  हमारे संविधान  में नागरिकों को बिना किसी भेदभाव प्रदान किये है .."



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