लिखना कितना कठिन होता है
बहुत कुछ पढ़ने के बाद
थोड़ा सा लेखन होता है
कभी कम तो कभी ज्यादा
लेखन विषय पर होता है.
कब किस विषय पर
लिखे ये सोचना भी मुश्किल
सा होता है.
हर दिन कुछ लिखना बहुत
कठिन सा होता है
क्या आज नया लिखे यहीं हर दिन
सोचना होता है.
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