पुस्तक का परिचय
प्रेम चन्द हिन्दी के कहानीकार कहे जाते हैं जबकि आधुनिक युग का प्रेमचंद " जैनेन्द्र कुमार "
को कहते हैं.
प्रेम चन्द की कहानी मुख्य रूप से गाम्रीण परिवेश पर आधारित होती है उनकी मुख्य कहानी में पंच परमेश्वर, बड़े घर की बेटी और शंतराज के खिलाड़ी, ईदगाह, है
वही उपन्यास में गोदान, कफन, कर्मभूमि सेवा सदन है.
प्रेम चन्द की भाषा बहुत सरल और सहज है उनकी हर कहानी आज के समय से मेल खाती है.
पुस्तक
गोदान मुख्य रूप से प्रेम चन्द्र का लोकप्रिय उपन्यास है
गोदान मुख्य रूप से प्रेम चन्द्र का लोकप्रिय उपन्यास है
गोदान जो मुख्य रूप से गाम्रीण परिवेश के एक गरीब किसान पर आधारित है जिसकी बड़ी तीव्र इच्छा है कि वो एक गाय खरीदे.
जिसका नाम होरीराम है जो मुख्य रूप से एक साधारण किसान है .
जिसका नाम होरीराम है जो मुख्य रूप से एक साधारण किसान है .
उसकी पत्नी धनिया जो भाग्य की मारी है उसे मालूम है कि मैं वो इन दारोगा संरपच से जीत नहीं पाऐगी लेकिन फिर भी वो हार नहीं मानती .
भोला जो कि एक अमीर विधूर है जिसके पास पैसे कि कोई कमी नहीं लेकिन उसके पास लोग नहीं है भोला अपनी एक गाय होरी राम को दे देता है पूरे उपन्यास में गाय पर केन्द्रित होकर किसान की समस्याओं को बताया है.
गोदान किसान की आर्थिक स्थिति, सामाजिक परिवेश , और गाम्रीण समस्याओं को एक साथ जोड़ती है .
उपसंहार
गोदान का अंत पाठकों के सामने गरीब किसान की क ई समस्याओं पर पाठकों का ध्यान केंद्रित करती है
गाय की मुत्यु के कुछ समय बाद ही होरी राम स्वर्ग सिधार जाते हैं.
उसकी आखिरी कमाना भी पूरी नहीं होती.
गोदान उपन्यास आज के समय के कई किसानों के जीवन को दिखाती है किसान का जीवन किस तरह के खेती, घर की समस्या, समाज में अपनी प्रतिष्ठा होने के लिए गाय होने जैसी प्रमुख समस्याओं को एक साथ जोड़ती है
समकालीन समय के गोदान के मायने " हरि अनंत हरि की कथा अनंत " की तरह है जिस तरह हरि के अनेक रूप है ंऔर उनकी कथा भी अपार है.
गोदान किसान की आर्थिक स्थिति, सामाजिक परिवेश , और गाम्रीण समस्याओं को एक साथ जोड़ती है .
उपसंहार
गोदान का अंत पाठकों के सामने गरीब किसान की क ई समस्याओं पर पाठकों का ध्यान केंद्रित करती है
गाय की मुत्यु के कुछ समय बाद ही होरी राम स्वर्ग सिधार जाते हैं.
उसकी आखिरी कमाना भी पूरी नहीं होती.
गोदान उपन्यास आज के समय के कई किसानों के जीवन को दिखाती है किसान का जीवन किस तरह के खेती, घर की समस्या, समाज में अपनी प्रतिष्ठा होने के लिए गाय होने जैसी प्रमुख समस्याओं को एक साथ जोड़ती है
समकालीन समय के गोदान के मायने " हरि अनंत हरि की कथा अनंत " की तरह है जिस तरह हरि के अनेक रूप है ंऔर उनकी कथा भी अपार है.

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