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जलियांवाला बाग हत्याकांड



आज ही के दिन आजाद होने से पूर्व भारत के लोग पर ऐसी बिजली गिराई गयी थी जिसका असर पूरे भारत पर पड़ा था जनरल डायर इस पूरे हत्याकांड का मुख्य आरोपी था जिसने अपने 
घमंड में चूर होकर इस तरह से निदोष जनता पर गोली दागी कि जिसमें कंकाल  के अलावा कुछ न बच सका और जो बचा उसने कुंए में कूद कर अपनी जान दे दी 
आकड़ों के मुताबिक इसकी, नरसंहार में जो 13 अप्रैल 1919 में हुआ था करीब 1000 लोग मारे गए थे जिनमें बच्चे ,बूढ़े और महिलाऐं थी जिसके पश्चात 1920 असहयोग आंदोलन आया था.
जो लोग इसमें शहीद हुए थे उनका गुनाह केवल इतना था कि उन लोगों ने एक काले कानून जिसका नाम रोलेट एक्ट था उसका विरोध किया था 

रोलेट एक्ट के विरोध में वैशाखी के दिन एक शांति पूर्ण सभा रखी गयी थी जिसका मुख्य कारण पंजाब के प्रमुख नेताओं को गिरफ्तार कर लिया जाना था जिसमें  डा . सत्यपाल और सैफुद्दीन किचलू थे.

इस सभा में जनरल डायर ने किसी को बिना कानो कान खबर लगे जलियांवाला बाग में अपनी सेना के साथ पहुंचा  और उसने मुख्य दूवार पर तोपें डाल दी.
और आदेश दिया कि जब तक पूरे लोग मर  नहीं जाते हैं तोपों को बंद मत करना.

जिसके परिणाम स्वरूप  पूरे पंजाब में मार्शल लॉ लागू कर दिया गया तथा कांग्रेस ने भी इस हत्याकांड की जांच हेतु एक समिति नियुक्त की जिसके अध्यक्ष मदन  मोहन मालवीय तथा अन्य सदस्यों में महात्मा गांधी, मोतीलाल नेहरू, सी आर, दास, जयकार आदि थे. 



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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..