मुगले ए आजम

   


सलीम अनारकली की मोहब्बत पर आधारित है  "मुगले ए आजम "जिसमें सलीम  और अनारकली  के बेपनाह प्यार को दिखाया गया है.

सलीम जिसे आज हम जहांगीर के नाम से जानते हैं जिसकी भूमिका इस मूवी में बहुत ही महत्वपूर्ण थी.
अकबर जिसने एक राजा के साथ एक पिता बनने का फर्ज अदा किया.
अनारकली का कनिजा  के रूप में दीवाने खास में नृत्य करना हर बार मोहब्बत की एक अलग जुनून को दिखाता है जिसका ये गाना  जो दर्शको  को पूरा सुनने को मजबूर कर देता है जो इस तरह है



          
                 जब  प्यार किया तो डराना क्या
               प्यार  किया  कोई चोरी नहीं की ,
                  छुप छुप के आहे भरना क्या".
                           
इश्क़ के  बारे में इस गाने का क्या कहना जिसने मोहब्बत के हर शब्द को  दर्द के साथ कह दिया है
आज हम अनारकली के योगदान को भले ही भूल जाऐ लेकिन उसके बलिदान को बुलाया नहीं जा सकता जिसने सलीम के लिए खुद का बलिदान कर दिया
"जी कर भी वो सब लोगों के
लिए मर गयी".
परन्तु मुगले ऐ आजम का यह गाना ही
मोहब्बत करने वालों के लिए दुनिया की वास्तविकताओं 
के लिये काफी है
"मोहब्बत की झूठी
कहानी पे रोऐ
बड़ी चोट खायी,
जवानी  पे रोऐ."


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